जो कुछ बाहर से आ रहा है, वो भाग्य के अधीन है, उस पर आपका कोई नियंत्रण नहीं। सुख-दुःख, लाभ-हानि, जन्म-मरण — सब संयोग हैं। ये इसलिए बताया गया है ताकि आप इन पर नियंत्रण करने की व्यर्थ कोशिश छोड़ दें। जिस पर नियंत्रण किया ही नहीं जा सकता, उसे नियंत्रित करने में ऊर्जा और समय व्यर्थ करेंगे। इस झूठी सुरक्षा भावना से बचें और अपनी ऊर्जा वहीं लगाएँ जहाँ वह सच में फलदायी हो सकती है।
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
भारत में सशक्त महिलाओं के अनेकों उदारहण रहे हैं।
हेमलेखा की कहानी बड़ी अनूठी है। श्री दत्तात्रेय द्वारा रचित त्रिपुरा रहस्य में उनकी कहानी पढ़ने को मिलती है।
एक तपस्वी ऋषि की पुत्री, विद्वत्ता ऐसी कि ऋषिगण आनंदित हो जाते, सौंदर्य ऐसा कि राजे मोहित हो जाते।
सभी को हैरान कर देता हेमलेखा का विवेक। शारीरिक सुंदरता का उसे कोई घमंड नहीं था और राजाओं द्वारा विवाह के बदले सुख-सुविधाओं का लालच दिए जाने पर उसका सिर्फ़ एक उत्तर हुआ करता,
जो खुशी सिर्फ़ पलभर की है, उसे आप खुशी कैसे मान लेते हैं?





