प्रश्नकर्ता: आचार्य जी जीवन को जानना क्यों ज़रूरी है?
आचार्य प्रशांत: एकदम ज़रूरी नहीं है!
प्र: लेकिन मैंने यूट्यूब और कहीं-कहीं से देखकर कई बार जानने की कोशिश किया कि ये शरीर नहीं है, मन नहीं है, विचार नहीं है और उसके बाद फ़िर अटक जाता हूँ।
आचार्य: यूट्यूब देखना क्यों ज़रूरी है?
प्र: मन अशांत था।
आचार्य: इसीलिए जीवन को जानना ज़रूरी है क्योंकि मन अशांत है।
प्र: लेकिन उसमें जाकर तो पूरा अटक जाता हूँ।
आचार्य: तो मत आगे बढ़ो, बिलकुल ज़रूरी नहीं है!

