प्रश्नकर्ता: मुक्ति क्या है? एक तो ये नज़रिया हो सकता है मुक्ति का कि जैसे हम लोग कैम्प में आए हैं, तो यहाँ पर एक पैटर्न है, एक रूटीन है। तो वो रूटीन एक बंधन की तरह लगता है। उससे निकल कर कहीं और कुछ और हम लोगों को कुछ आकर्षित किया और उसको जानने करने का मन किया, तो वो मेरा मन है; तो वो गोइंग विथ द फ्लो हो गया। तो क्या ये फ्रीडम (मुक्ति) है या नहीं है? जैसे इसमें लिखा है कि "गो विद दि फ़्रीडम"। तो मेरा जो मन है वो फ्रीडम को कैसे जानेगा कि सही में फ्रीडम है?
आचार्य प्रशांत: मन कैसे जानेगा (प्रश्नकर्ता से पुनः प्रश्न स्पष्ट करने के लिए)।
प्र: मन कैसे जानेगा कि फ्रीडम सही में क्या है? क्योंकि जैसे हम लोग कैम्प कर रहे हैं वो फ्रीडम के लिए कर रहे हैं, पर एक जो रूटीन बंध गया है वो बंधन जैसा लगता है।
आचार्य: मन नाम किसका है? मन सीमाओं का नाम है। मन उन सीमाओं का नाम है जो आप पर स्थितियाँ, संस्कार, शिक्षा, अनुभव थोप देते हैं। तो मन का नाम ही बंधन है। मन का ही दूसरा नाम क्या है?
प्र: बंधन।
आचार्य:


